अमेरिका ( joe biden ) ने मना कर दिया दवाई देने से

 अमेरिका ने सामान  देंने से मना कर दिया, क्यूँ के जो बिडेन जानता है कोरोना वैक्सीन की कीमत, उसको मालूम है के भारत को अगर कच्चा माल दे देगा तो वो क्या करेगा.

BIDEN ,MODI ,VACCINE ,INDIA ,

COVID-19 वैक्सीन बनाने में 37 चीज़े काम आती है .अमेरिका ने ये भारत को दें से मन कर दिया है.और यह कह दिया है की हम नहीं दे सकते.उसके बाद मोदी जी ने बिडेन को फ़ोन लगाया, उससे बात की.

इस संकट की घडी में BIDEN को मानाने के लिए बहोत  प्रयास किया गया तब जाके बिडेन मान गया कच्चा माल देने के लिए .

ये सब क्यू हुआ क्या आप जानते है नहीं ना ? हम बताते है 

भारत कभी भी किसी भी देश में चुनाव न लड़ाए और जो जीत जाये उसे बधाई देदे ,इससे देशो के रिश्ते बने रहते है वो पाकिस्तान नहीं है अमेरिका है .

भारत में आपका चुनावी स्कोर ठीक है ,तो इसका मतलब ये नहीं के किसी भी देश के चुनाव में झंडा बैनर लेकर आगे आगे चलने लगेंगे,भारत के प्रधान मंत्री ने अमेरिका में खुले आम ट्रम्प के लिए रेल्लिया की, अब की बार ट्रम्प सरकार के नारे लगाकर आये,उसका खामियाजा अब देश को भुगतना पढ़ रहा है .

जिसको मोदी सपोर्ट कर रहे थे तो हार गया और जो बिडेन जीत गया.अब बिडेन भी जनता है ये वही भारत है जो ट्रम्प को जीता रहा था .

अब वो वैक्सिंग का कच्चा माल हमें क्यू देगा,और ऐसा भी नहीं है जिसको जीताने के लिए मोदी सरकार त्ट्रम्प कार्यकर्ता बन कर अब की बार TRUMP सरकार का नारा लगाकर के आये थे .

मोदी जी के इतना करने के बावजूद TRUMP क्या किया? आप खुद  याद करिए पिछले साल अमेरिका की हालत भारत से भी ज्यादा ख़राब थी, और ट्रम्प को पता था के भारत के पास HYDROCHLOROQUIN की भोत साड़ी दवाई अवेलेबल है.

ट्रम्प ने भारत से कहा वो दवाई हमें देदो .

भारत के जवाब देने से पहले ट्रम्प ने कहा अगर दवाई नहीं  दोगे तो अंजाम ठीक नहीं होगा, लेकिन उसके बाद भारत ने दवाई ट्रम्प को भिजवाई लेकिन जब अब भारत को ज़रूरत है दवाई की तो बिडेन सब खेल जानता है ,उस्क्को पता है मोदी जी ट्रम्प के दोस्त है.

हमें लगता है शायद वो इसी बात का बदला ले रहा है .